Dojter pyorrhoea tooth powder

Dojter pyorrhoea tooth powder Ganeral tooth powder. very effective in pyorrhoea. usefull in swelling gums and tooth pain.

21/08/2025

एक भारतीय *डॉक्टर* ने जॉब छोड़कर कनाडा के एक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में सेल्समैन की नोकरी जॉइन करली...

*बॉस ने पूछा:-* तुम्हे कुछ तज़ुर्बा है?
उसने कहा कि हां थोड़ा बहुत है ।

पहले दिन उस भारतीय ने पूरा मन लगाकर काम किया।
शाम के 6 बजे (*बॉस ने पूछा:-* आज पहले दिन तुमने कितने सेल किये?

भारतीय ने कहा कि सर मैंने 1 सेल किया।

*बॉस चौंककर बोले:-* क्या मात्र 1 ही सेल।
सामान्यत: यहाँ कार्य करने वाले हर
सेल्समेन 20 से 30 सेल रोज़ाना करते हैं।
अच्छा ये बताओं तुमने कितने रूपये का सेल किया।

93300 डॉलर ।
भारतीय बोला।

क्या!

लेकिन तुमने यह कैसे किया?
आश्चर्यजनक रूप से बॉस ने पूछा।

*भारतीय ने कहा:-* 1 व्यक्ति आया और मैंने उसे एक छोटा मछली पकड़ने का हुक बेचा।

फिर एक मझोला और फिर अंततः एक बड़ा हुक बेचा। फिर उसे मैंने 1 बड़ी फिशिंग रॉड और कुछ फिशिंग गियर बेचे।

फिर मैंने उससे पूछा कि तुम कहा मछली पकड़ोगे और उसने कहा कि वह कोस्टल एरिया में पकड़ेगा।
तब मैंने कहा कि इसके लिए 1 नाव की ज़रूरत पड़ेगी। अतः मैं उसे नीचे बोट डिपार्टमेंट में ले गया और उसे 20 फीट की डबल इंजन वाली स्कूनर बोट बेच दी।
जब उसने कहा कि यह बोट उसकी
वोल्कस वेगन में नहीं आएगी।

तब मैं उसे अपने ऑटो मोबाइल सेक्शन में ले गया
और उसे बोट केरी करने के लिए नई डीलक्स 4 × 4 ब्लेज़र बेचीं।
और जब मैंने उसे पूछा कि तुम मछली पकड़ते वक़्त कहा रहोगे। उसने कुछ प्लान नहीं किया था।
तो मैं उसे कैम्पिंग सेक्शन में ले गया और उसे six sleeper camper tent बेच दिया।

और तब उसने कहा कि उसने जब इतना सब कुछ ले ही लिया है तो 200 डॉलर की ग्रासरी और बियर के 2 केस भी लेगा।

अब बॉस 2 कदम पीछे हटा और बेहद ही भौचक्के अंदाज़ में पूछने लगा:-
तुमने इतना सब उस आदमी को बेच दिया
जो केवल 1 fish hook खरीदने आया था?
"NO, SIR,"
वह तो केवल सरदर्द दूर करने की
1 टेबलेट लेने आया था।
मैंने उसे समझाया कि मछली पकड़ना
सरदर्द दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है।

*बॉस:-*
तुमने इसके पहले भारत में कहा काम किया था?

*भारतीय :-*
*जी मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टर था*
घबराहट की मामूली शिकायत पर हम लोग,
मरीजों से पैथोलॉजी,
ईको,
ईसीजी,
टीएमटी,
सी टी स्केन,
एक्सरे,
एम आर आई
इत्यादि टेस्ट करवाते हैं।

*बॉस:-* तुम मेरी कुर्सी पर बेठो।
मैं इंडिया मे ट्रेनिंग के लिये प्राइवेट
हॉस्पिटल ज्वाईन करने जा रहा हूँ।
😥
जरा इस पोस्ट को आगे फैलाना,
मजाक बना रखा है मरीजो का.....!!

कुछ साल पहले की बात है, एक दुकान पर ताजी जलेबी बन रही थी। जब मैंने उसे खरीदा तो साथ में आया अखबार का टुकड़ा मेरी पूरी जि...
19/11/2024

कुछ साल पहले की बात है, एक दुकान पर ताजी जलेबी बन रही थी। जब मैंने उसे खरीदा तो साथ में आया अखबार का टुकड़ा मेरी पूरी जिंदगी बदल गया।
पढ़ने का शौक शुरू से था। उस टुकड़े पर एक कॉलम छपा था। कॉलम लिखने वाले का नाम तो अब याद नहीं, लेकिन जो लिखा था वह आज भी याद है। शब्दशः नहीं, पर जो भाव था वह जरूर याद है।
आप भी इसे पढ़ें।

कॉलम में लिखा था:
"मैं कल अपने एक व्यापारी दोस्त के ऑफिस गया। चाय पीते-पीते गपशप में समय निकल गया और घर जाने का वक्त हो गया। जब ऑफिस से बाहर निकले तो क्लर्क आया और शिकायत की, ‘साहब, फलां चपरासी बहुत सुस्त है, काम नहीं करता।’ ड्राइवर ने भी उस क्लर्क की बात का समर्थन किया।
मेरे दोस्त ने कहा, ‘अगर वह काम नहीं करता तो उसे क्यों रखा हुआ है? उसे निकाल दो।’
मैंने तुरंत हस्तक्षेप किया और कहा, ‘क्या यह बेहतर नहीं होगा कि एक बार उससे बात कर लो? क्या पता उसके कुछ निजी मसले हों।’ फिर मैंने अपने दोस्त को एक शेख साहब का किस्सा सुनाया।

💥 शेख साहब की कहानी:
शेख साहब लाहौर में एक छोटे से ऑफिस में कर्मचारी थे। वक्त ऐसा बदला कि ऑफिस के मालिक को वे पसंद आ गए और उनकी शादी मालिक के परिवार में हो गई।
किस्मत शेख साहब पर मेहरबान थी। धीरे-धीरे उनकी हालत सुधरती गई। एक दुकान से बाजार, एक फैक्ट्री से कई फैक्ट्रियों के मालिक बन गए।
धन की बारिश होती रही। उनके दो बेटे हुए। उन्होंने किराए के कमरे से एक अपार्टमेंट और फिर लाहौर के पॉश इलाके में दो कनाल की कोठी खरीद ली।

एक दिन उन्होंने अपनी कोठी पर माली की जरूरत महसूस की और फैक्ट्री के एक कर्मचारी, सुल्तान, को निकालकर 1500 रुपये महीने की तनख्वाह पर माली रख लिया।
सुल्तान एक बहुत शरीफ और अपने काम में मग्न रहने वाला इंसान था। न झगड़ा करता, न शिकायत।

एक दिन शेख साहब सुबह 10 बजे घर आए। गाड़ी गेट पर खड़ी कर दी, क्योंकि उन्हें वापस ऑफिस जाना था। सुल्तान पौधों को पानी दे रहा था। अचानक पाइप उसके हाथ से फिसल गया और तेज पानी की बौछार शेख साहब के कपड़ों पर पड़ गई।
शेख साहब गुस्से में आगबबूला हो गए। सुल्तान पैरों में गिरकर माफी मांगता रहा, पर शेख साहब ने उसे तुरंत नौकरी से निकाल दिया। उन्होंने गार्ड को कहा कि सुल्तान को धक्के देकर बाहर निकाल दो।

वक्त का पहिया घूमता है:
शेख साहब का कारोबार धीरे-धीरे ठहराव पर आ गया। एक फैक्ट्री में आग लग गई। करोड़ों का नुकसान हुआ। बड़ा बेटा सड़क हादसे में चल बसा। दिन-ब-दिन नुकसान होते गए। उन्हें अपनी कोठी बेचकर छोटे घर में शिफ्ट होना पड़ा।
बेचैनी में वे पीरों-फकीरों के चक्कर लगाने लगे। अंततः एक फकीर ने उन्हें कहा, "सुल्तान को क्यों निकाला था?"
शेख साहब के पैरों तले जमीन खिसक गई। फकीर ने कहा, "रब हर इंसान को दूसरे का जरिया बनाता है। तुमने सुल्तान का जरिया छीन लिया, इसलिए ऊपर वाले ने तुम्हारे जरिये को भी रोक दिया। जाओ, सुल्तान से माफी मांगो।"

शेख साहब ने सुल्तान को ढूंढने की बहुत कोशिश की। चकवाल भी गए, पर सुल्तान का पता नहीं चला। कुछ दिन बाद शेख साहब की मौत हो गई।

कॉलम का संदेश:
मैंने अपने दोस्त को यह कहानी सुनाई और कहा, "उस चपरासी को मत निकालो। तुम्हारे जरिये उसका और उसका परिवार पल रहा है। अगर तुम जरिया नहीं बनोगे, तो रब तुम्हारे जरिये को भी रोक सकता है।"

यह कहानी मैंने कई साल पहले पढ़ी थी, और इसने मेरी जिंदगी बदल दी। मैं हमेशा दूसरों का जरिया बनने की कोशिश करता हूं। किसी का रोजगार मुझसे न छिने, इसका ख्याल रखता हूं।
आप भी यह प्रण करें कि कभी आपकी वजह से किसी का जरिया न रुके।
आप जरिया बनते रहिए, रब आपके लिए जरिये बनाता रहेगा।
🙏आपके दुआओं का तलबगार🙏
💦डॉ. मोहम्मद नौमान आलम,💦
B U M S.
फाउंडर
🌿 DOJTER® पायरिया टूथ पाउडर 🌿
💐दांतों की गंदगी से लड़ें।💐

18/11/2024

एक बार एक गिद्ध और एक बाज ऊंची उड़ान भरने लगे।
वे हवा में तैरने लगे और दूर से एक जैसे दिखने लगे। अपनी ऊंचाई में मस्त, धरती से बेखबर, आसमान से अनजान, बस उड़ान में मग्न।

देखने वाले लोग हैरान थे कि ये दोनों एक जैसे स्वभाव के नहीं हैं, फिर भी साथ-साथ उड़ रहे हैं। बाज ने गिद्ध से कहा,
"देखो, इस दुनिया में उड़ान के शौक के अलावा और कुछ महत्वपूर्ण नहीं है।"
गिद्ध ने भी औपचारिकता में कह दिया,
"हां, मुझे भी उड़ना पसंद है। मेरे पंख भी मुझे ऊंची उड़ान के लिए मिले हैं।"

लेकिन कुछ ही पलों के बाद गिद्ध ने नीचे की ओर देखा। उसे दूर से एक मरा हुआ घोड़ा नजर आया। उसने बाज से कहा,
"तुम्हारी ऊंची उड़ान और ऊंचा नजरिया भाड़ में जाए, मुझे मेरी मंजिल पुकार रही है।"
इतना कहकर गिद्ध ने गहरा गोता लगाया और अपनी मरी हुई मंजिल पर जा गिरा।
स्वभाव अलग-अलग थे, इसलिए मंजिल भी अलग रही।
साथ चलने वाले लोग अगर स्वभाव में समान नहीं हों, तो कभी मंजिल तक नहीं पहुंच सकते।

अगर इंसानों को ध्यान से देखा जाए, तो यह समझना मुश्किल नहीं होगा कि स्वभाव हमेशा अपना असर दिखाता है।
जो नीच है, वह नीच ही रहेगा, चाहे वह किसी भी पद या प्रतिष्ठा पर क्यों न हो।
मियां मोहम्मद साहब रहमतुल्लाह अलैह का एक मशहूर शेर है:

नीचों की संगति से कभी किसी ने फल नहीं पाया।
कांटों पर अंगूर की बेल चढ़ाई तो हर गुच्छा घायल ही हुआ।

- हजरत वासिफ अली वासिफ रहमतुल्लाह अलैह
(पुस्तक: हर्फ-हर्फ हकीकत)
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💦डाॅ. मोहम्मद नौमान आलम💦
🌿Founder of DOJTER ® PYORRHOEA TOOTH POWDER 🌿
💐दांतों की गंदगी से लड़ें।💐

10/11/2024

Cancer ka nuskha

09/11/2024

एक जापानी कहावत है कि अगर आप गलत ट्रेन में सवार हो गए हैं तो सबसे नज़दीकी स्टेशन पर उतर जाएँ, वरना जितनी देर आप ट्रेन में सवार रहेंगे, वापसी का सफर उतना ही महंगा और कष्टदायक होगा।
कई बार हम भी खुशियों की तलाश में ग़मों की गलत ट्रेन में सवार हो जाते हैं और यह सोच रहे होते हैं कि मंजिल पर पहुँचकर ढेर सारी खुशियाँ हमारा इंतजार कर रही होंगी, जो बस हमारी एक भ्रांति या धोखा होती है।
इसलिए आज की मुस्कान को दाँव पर न लगाएँ और भविष्य की चिंताओं से बाहर निकलकर आज के उजले दिन में जीना शुरू करें।
अगर चाँद आपको मिल जाए, तो उसमें भी दाग नज़र आने लगते हैं।
🙏अपने दुआओं मैँ याद रखे🙏
🌿डाॅक्टर मोहममद नौमान आलम 🌿
निर्माता
DOJTER ® PYORRHOEA TOOTH POWDER.
💦 दांतों की गंदगी से लड़े💦

30/05/2024

Address

Lucknow
226003

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

Telephone

07355053495

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