Maa Shanti Dental Oral & Maxillofacial Centre

Maa Shanti Dental Oral & Maxillofacial Centre Best dental clinic for complex dental cases,aesthetic treatment, implants, jaw Surgeries braces root

31/12/2023
08/03/2023

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आइए जानते हैं दांतों की सेंसिटिवटी से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में...कुछ ठंडा, गर्म या मीठा खाने या पीने पर दांतों मे...
09/01/2023

आइए जानते हैं दांतों की सेंसिटिवटी से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में...

कुछ ठंडा, गर्म या मीठा खाने या पीने पर दांतों में झनझनाहट पैदा हो तो इसे सेंसिटिविटी कहा जाता है। इसी सेंसिटिविटी को समझने के लिए हमें सेंसिटिविटी (संवेदनशीलता) और हाइपर-सेंसिटिविटी (अतिसंवेदनशीलता) में अंतर जान लेना आवश्यक है। कुछ ठंडा या गर्म खाने-पीने पर अगर उस खाद्य या पेय पदार्थ की ठंडक या गर्माहट का मात्र एहसास हो और किसी प्रकार का कष्ट न हो, तो इसे दांतों का संवेदनशील (सेंसिटिव) होना कहते हैं, लेकिन यह मात्र एहसास ना रहकर तकलीफ में बदल जाए और दांतों में झनझनाहट सी महसूस हो, तो ऐसे में दांतों को अतिसंवेदनशील (हाइपर-सेंसिटिव)कहा जाता है। दांतों का संवेदनशील होना सामान्य बात है लेकिन अतिसंवेदनशील होने पर दांतों के इलाज की जरूरत होती है। बोलचाल की भाषा में इसी हाइपर-सेंसिटिविटी को हम सेंसिटिविटी कहते हैं।

*सेंसिटिविटी के कारण

*इस कारण होती है सेंसिटिविटी

जब किसी कारणवश दांतों की एनेमल या सीमेंटम दांतों पर से हट जाते हैं, तो यह स्नायुतंत्र सीधे बाहरी वातावरण के संपर्क में आ जाता है इस कारण दांत सेंसिटिव हो जाते हैं

- सख्त टूथब्रश या मोटे कणों वाले दंतमंजन या टूथपेस्ट के इस्तेमाल से सेंसिटिविटी हो सकती है।
- पाइरिया की वजह से जब मसूड़े दांतों से हटने लगते हैं, तो भी दांत सेंसिटिव हो जाते हैं। तम्बाकू और गुटखे का लगातार सेवन करने से भी दांत सेंसेटिव हो जाते हैं।
- अधिक अम्लीय खाद्य-पेय पदार्थ से दांत गलने लगते हैं। यही इरोजन है।
- कीड़ा लगने से कैविटी बन जाती है, जिससे सेंसिटिविटी होती है।
अगर दांत का कुछ हिस्सा टूट जाए तो भी दांत सेंसिटिव हो सकता है।

*सेंसिटिविटी का बचाव ।

उच्चस्तरीय टूथपेस्ट उपयोग करें। अम्लीय और खट्टी चीजें जैसे नींबू, कैरी, इमली आदि कार्बोनेटेड कोल्डड्रिंक, सोडा जरूरत से ज्यादा न लें। दातों में ज्यादा सेंसिटिविटी होने पर दांत रोग विशेषज्ञ को दिखाएं ।

** सेंसिटिविटी का उपचार

एन्टी-सेंसिटिव टूथपेस्ट एवं माउथवाश : इनेमल या सीमेंटम का घिसाव ज्यादा मात्रा में नहीं होने पर।

फिलिंग : घिसाव अधिक मात्रा में होने या कैविटी होने पर।
रूट कैनाल : कैविटी के ज्यादा गहरे होने पर

ग्राफ्ट : पाइरिया में हटे हुए मसूड़ों की जगह कृत्रिम तरीके से मसूड़ों का ग्राफ्ट प्रत्यारोपित किया जाता है।

क्राउन (कैप) : टूटने पर दांतों को कैप लगा कर ढक दिया जाता है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनायज़ेशन के मुताबिक, खराब ओरल हेल्थ के कारण हृदय रोग, गर्भधारण और जन्म से जुड़ी समस्याएं, निमोनिया, डाय...
06/01/2023

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनायज़ेशन के मुताबिक, खराब ओरल हेल्थ के कारण हृदय रोग, गर्भधारण और जन्म से जुड़ी समस्याएं, निमोनिया, डायबिटीज, हडि्डयों से जुड़े रोग ऑस्टियोपोरोसिस और अल्जाइमर्स का भी खतरा अधिक होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ओरल हेल्थ दुनिया में बड़ी समस्या है। 60-90 प्रतिशत स्कूली बच्चे और युवाइससे पीड़ित हैं !
मैं डॉ. प्रवीण मिश्रा बता रहा ओरल हेल्थ को बेहतर बनाने के तरीके...

ओरल हेल्थ की सुरक्षा के 4 तरीके

1) ब्रश कब ना करें: खट्‌टा खाने के 30 मिनट बाद तक
जॉनसन एंड जॉनसन कंज्यूमर इंकॉर्पोरेशन में ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ ओरल केयर डॉ. माइकल लिंच कहते हैं, खट्‌टे फल और जूस के बाद दांतों का इनेमल मुलायम पड़ जाता है। तुरंत ब्रश करने से नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए 30 से 60 मिनट बाद ही ब्रश करना चाहिए।

2) सफाई कैसे करें: 45 डिग्री एंगल से, चार हिस्सों में बांटकर
दांतों की सफाई मुंह के पिछले हिस्से से शुरू करें। मुंह को चार हिस्सों में मानते हुए इसे टॉप लेफ्ट, टॉफ राइट, बॉटम लेफ्ट और बॉटम राइट में बांट लें। ब्रश को लगभग 45 डिग्री एंगल पर रखें। यानी ब्रश आधा मसूड़ों पर और आधा दांतों पर होना चाहिए। हर सेक्शन में 30 सेकंड तक सफाई करें।

3) क्या ज्यादा खाएं: कच्चे और रेशेदार फल का इस्तेमाल बढ़ाएं
कच्चे और रेशेदार फल जैसे सेब, नाशपाती, गाजर, दांतों की सतह को स्क्रब करते हैं। इससे प्लाक निकल जाता है। इन्हें चबाने में भी समय लगता है, जिससे लार बनती है जो एसिड को बेअसर करती है।

4) क्या कम खाएं: सोडा, स्पोर्ट्स ड्रिंक और जंक फूड से बचें
शुगर वाली चीजें सबसे ज्यादा नुकसानदायक हैं क्योंकि प्लाक के बैक्टीरिया इसी से एसिड बनाते हैं। केचअप, सोडा, स्पोर्ट्स ड्रिंक, फ्लेवर्ड योगर्ट, पास्ता सॉस यानी जंक फूड कम से कम खायें ।
इन तीन ख़तरों को आप रोक सकते हैं
1) दिल को खतरा: खराब डेंटल हेल्थ से रक्त प्रवाह में बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, जो हृदय के वाल्व को प्रभावित कर सकता है। दांतों के टूटने के पैटर्न का भी दिल की धमनियों से संबंध होता है।

2) कैंसर: वेब एमडी के मुताबिक, खराब ओरल हेल्थ वाले लोगों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से मुंह के संक्रमण का खतरा अधिक होता है, जो बाद में मुंह के कैंसर का कारण बन सकता है।

3) डायबिटीज: इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के मुताबिक, खराब मसूड़े एक समय के बाद ब्लड ग्लूकोज लेवल को प्रभावित करना शुरू कर देते हैं। इससे मधुमेह तेजी से बढ़ने लगता है। अथवा पहले से पीड़ित मरीज की स्थिति और खराब होने लगती है।

How To Whiten Kids Teeth: अक्सर छोटी उम्र में ही बच्चों के दांत खराब होने लगते हैं. दांतों में कैविटी हो जाती है और कुछ ...
05/01/2023

How To Whiten Kids Teeth:
अक्सर छोटी उम्र में ही बच्चों के दांत खराब होने लगते हैं. दांतों में कैविटी हो जाती है और कुछ मामलों में दांत झड़ कर गिरने लग जाते हैं ।बच्चों में इस तरह की समस्या होने का कारण उनके ओरल हेल्थ का सही तरीके से ध्यान न देना है. ये पेरेंट्स का काम है कि वह सुनिश्चित करें कि उनका बच्चा अपने दांतों की सही से सफाई कर रहा है. बच्चों की डेंटल केयर के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

बच्चों के दांतों को कैसे रखें चमकदार |
How To Keep Kids Teeth Shiny
1) दिन में दो बार ब्रश करना
ये पेरेंट्स को सुनिश्चित करना है कि आपके बच्चे दिन में दो बार अपने दांत ब्रश करें. अगर आप बच्चों को सुबह सोकर उठने के ठीक बाद और रात में सोने से पहले दांतों को ब्रश करवाते हैं, तो आप कीटाणुओं को उनके दांतों की दरारों में जमने और समस्या पैदा करने से रोक सकते हैं. एक नियमित शेड्यूल होने से उनके लिए अपने ओरल हाइजीन रूटीन को बनाए रखना आसान हो जाएगा ।

2) फ्लॉसिंग
दांतों के बीच फंसी चीजों को हटाने के लिए, फ्लॉसिंग करना उतना ही जरूरी है जितना कि ब्रश करना. यह आपके दांतों की दरारों और आपके मसूड़ों के नीचे फंसे फूड पार्टिकल्स से छुटकारा पाने में मदद करता है.

3) चॉकलेट और कैंडी ज्यादा न खिलाएं
बहुत सारे मीठे स्नैक्स खाने से कैविटी विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है. इन चीजों में बहुत अधिक चीनी और स्टार्च होता है और दांतों को उससे नुकसान हो सकता है. सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे ऐसे फूड्स और ड्रिंक्स से दूर रहें जिनमें चीनी की मात्रा अधिक होती है, जैसे कि चॉकलेट या कोल्ड ड्रिंक आदि ॥

4) ब्रशिंग रूल्स
ये पैरेंट्स को ही देखना होगा कि आपका बच्चा अच्छे से ब्रश कर रहा है या नहीं. कुछ बच्चे बस दांत में ब्रश को लगाकर रख देते हैं, इससे उनके दांत ठीक से साफ नहीं होते. बच्चों को बताएं कि सर्कुलर मोशन में अपने दांतों को पीछे से आगे की ओर साफ करना है.
5) अक्सर बच्चे रात का दूध सोते समय या सोते सोते पीते है और उसके बाद ना ब्रस या कुल्ला भी नही करते हैं जो एक मुख्य वजह हो सकती है ।
6) डेंटिस्ट के पास जाएं ।
अपने बच्चे को नियमित रूप से डेंटिस्ट के पास ले जाएं. दांतों की समस्याओं का जल्द पता लगने से इलाज में आसानी हो सकती है. अगर आप इन पांच नियमों का पालन करते हैं, तो आप के बच्चों के दांत हमेशा चमचमाते रहेंगे।
और अधिक जानकारी के लिए या टेली सलाह लेने के लिये निम्न नम्बर (8799333000 सायं 8 से 9 के बीच ) पर संपर्क कर सकते है ।

30/08/2021

मटकी तोड़े, माखन खाए फिर भी सबके मन को भाये,
राधा के वो प्यारे मोहन, महिमा उनकी दुनिया गाये.।।

On this festive occasion of Janmashtami, DOMC wishes for all that Shri Krishna comes to your home to take away sorrow & pain with Makhan Mishri.

Radhey Radhey......

22/08/2021

“Admit it: we always eat and drink slower than our brother or sister so that we can tease them at the end when we’re the only one with any left.”

रक्षाबंधन! A day to celebrate the bond of love between brother and sister….🤦🏼‍♂️🤦🏼‍♀️

07/06/2021

Food Safety Day (विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस)

05/06/2021

This World Environment Day, let's ornament the planet with lush green areas and breathable air.
Come let's make a better place to live in for all and the upcoming generations.

Address

L626, Keshavpuram, Kanpur
Kalyanpur
208024

Opening Hours

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