10/05/2026
Happy Mother’s Day
*माँ, अब तुम कहाँ हो*
माँ, अब घर का कोना-कोना सूना लगता है,
तेरी आवाज़ के बिना हर दिन अधूरा लगता है।
सुबह की चाय में अब वो मिठास नहीं,
तेरे हाथों का स्पर्श अब मेरे पास नहीं।
तेरी मुस्कान याद आती है जब भी अकेली होती हूँ,
तेरी दुआओं के बिना खुद को अधूरी होती हूँ।
आँचल में छुपकर जो दुनिया से बच जाती थी,
आज वो बेटी तेरे बिना बिखर जाती है।
कहते हैं माँ जाती नहीं, सितारा बन जाती है,
रात के अँधेरे में राह दिखलाती है।
हवा बनकर छूती हो, फूलों में महकती हो,
मेरी हर साँस में, माँ, तुम धड़कती हो।
मदर्स डे पर फूल नहीं चढ़ा पाऊँगी,
तेरी तस्वीर के आगे बस सिर झुकाऊँगी।
जन्नत में भी खुश रहना, मेरी यही दुआ है,
जब तक साँसें हैं, माँ, तू ही मेरी दवा है।
तेरी मुस्कान अब यादों में बसती है,
पर माँ, तू आज भी मेरे दिल में हँसती है। 💐