13/08/2022
बहुत से लोगों का मानना है की दांतों की सफाई कराने से दांत खराब हो जाते हैं अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें ।।
1. सफ़ाई कराने से कुछ दिनों तक दांतों की सतह खुरदुरी महसूस होती है, कुछ लोग इसको समझते हैं की दांतो की सतह घिस गई है परंतु ऐसा इसली महसूस होता है क्युकी दांतो से बैक्टीरिया की परत हटाने से एक लेयर जिसको की पेलिकल लेयर कहते हैं वह हट जाती है , जो परत वापस 1 हफ्ते में बन जाती है, फिर खुरदुरापन लगना बंद हो जाता है ।।
2. बैक्टीरिया की परत को प्लाक कहते हैं, प्लाक हमारे मसूड़ों को एवं दांतों के आस पास के स्ट्रक्चर को कमजोर कर देता है, क्युकी प्लाक एक इरिटेंट का काम करता है मसूड़ों के लिए, इसलिए दांतों की सफ़ाई न कराने के ज्यादा दुष्प्रभाव हैं ll
3. प्लाक हमारे लार में मौजूद कैल्शियम एवं फास्फोरस का इस्तेमाल करके एक सख्त परत बना लेता है जिसे हम कैलकुलस या टारटार कहते हैं, जो दांतो को साफ कराने के दौरान पपड़ी की तरह निकलता
है कुछ लोग इसे दांतों का टुकड़ा समझ कर भ्रांतियां बना लेते है की सफ़ाई कराने से दांतो के टुकड़े भी निकलते हैं ।।
4. हमारे जीभ को उन प्लाक एवं कैलकुलस की आदत हो चुकी होती है, उसकी सफाई के बाद लोगो को एक खालीपन का एहसास होता है, कुछ लोग इससे ये भ्रांतियां बना लेते हैं की सफ़ाई के बाद दांतों के बीच में गैप आ जाता है ।।
5. कैलकुलस जब पपड़ी की तरह निकल जाता है तब कुछ लोगों को लगता है उनके दांत सफ़ाई की वजह से हिलने लगे हैं, जबकि दरअसल वे पहले से हिलने स्थिति में होते हैं परंतु कालकुलस दांतो के बीच इतनी सख्ती से घुसे हुए होते हैं की मरीज को हिलने वाले दांतों का एहसास नहीं हो पाता ।।
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