29/05/2026
#दूध के दांतों में कैविटी (Cavity) होना बच्चों में एक आम समस्या है। हालांकि ये दांत अस्थायी होते हैं, फिर भी इन्हें नजरअंदाज न करें। इनके इलाज और बचाव के लिए किसी अच्छे दंत चिकित्सक (Dentist) से संपर्क करें और डॉक्टर की सलाह अनुसार दिशानिर्देशों का पालन करें।
#दूध के दांतों में कैविटी का इलाज कैसे होता है?कैविटी की स्थिति के आधार पर डॉक्टर निम्नलिखित उपचार की सलाह देते हैं:
#फ्लोराइड उपचार (Fluoride Treatment): अगर कैविटी बिल्कुल शुरुआती चरण में है, तो डॉक्टर दांतों पर फ्लोराइड की परत चढ़ाते हैं, जो सड़न को बढ़ने से रोकती है।
#डेंटल फिलिंग (Dental Filling): यदि कैविटी छोटी या मध्यम आकार की है, तो डॉक्टर सड़े हुए हिस्से को साफ करके उसमें फिलिंग (मसाला) भर देते हैं।
#क्राउन लगाना (Crown): अगर कैविटी बहुत गहरी है या दांत काफी टूट गया है, तो उसे सुरक्षित रखने के लिए उस पर 'स्टेनलेस स्टील क्राउन' (कैप) लगा दिया जाता है।
#पल्पोटॉमी (Pulpotomy - बेबी रूट कैनाल): जब कैविटी दांत के अंदर की नसों (पल्प) तक पहुंच जाती है, तब यह प्रक्रिया की जाती है।दूध के दांतों की कैविटी का इलाज क्यों जरूरी है?
#स्थायी दांतों के लिए रास्ता बनाना: दूध के दांत स्थायी दांतों के लिए जगह बचा कर रखते हैं। समय से पहले दांत गिरने पर स्थायी दांत टेढ़े-मेढ़े उग सकते हैं।
#बोलने और चबाने में आसानी: स्वस्थ दांतों से बच्चा ठीक से चबा पाता है और साफ बोल पाता है।
#दर्द और संक्रमण से बचाव: कैविटी के कारण दांतों में तेज दर्द और मसूड़ों में सूजन या पस (Pus) की समस्या हो सकती है।
@ #बचाव के उपाय
#ब्रश करना: बच्चे के मुंह में पहला दांत निकलते ही दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करना शुरू करें। 3 साल से छोटे बच्चों के लिए चावल के दाने के बराबर और 3 साल से बड़े बच्चों के लिए मटर के दाने के बराबर टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें。
#चिपचिपी चीजों से बचें: बच्चों को चॉकलेट, टॉफी, चिप्स और कोल्ड-ड्रिंक जैसी चीजें न दें, क्योंकि ये दांतों में चिपक जाती हैं और सड़न पैदा करती हैं。
#रात को दूध की बोतल: रात को सोते समय दूध या मीठा पानी पिलाने की आदत से 'बॉटल टूथ डिके' होता है, इसलिए सोने से पहले पानी जरूर पिलाएं。
#मुंह की स्वच्छता: भोजन करने के बाद बच्चे को कुल्ला करने की आदत डालें।